Author
Premchand
Format
Paperback
ISBN-13
9788180316401
Publication
Lokbharti Prakashan
Publisher
Lokbharti Prakashan
Edition
3rd
Pages
212
Language
Hindi
Category
Fiction
Publication Year
2022
Reprint Year
2026
Weight
304 g
Dimensions
22 × 14 × 2 cm
SKU
9788180316401
Sevasadan BY Premchand
‘सेवा सदन’ को प्रेमचन्द की वह औपन्यासिक रचना माना जाता है जिसने उन्हें उपन्यासकार के रूप में प्रतिष्ठित किया। मूल रूप से उर्दू में ‘बाज़ारे-हुस्न’ नाम से लिखे गए इस उपन्यास की रचना को 2019 में सौ साल पूरे हुए और इस अवसर पर अनेक स्थानों पर इस सम्बन्ध में कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इस मूल उर्दू उपन्यास का हिन्दी संस्करण पहले प्रकाशित हुआ था, बाद में मूल उर्दू भी प्रकाशित हुआ।
उपन्यास के केन्द्र में सुमन है जिसके जीवन की कथा के बहाने प्रेमचन्द ने उस समय के समाज और उसकी अनेक उलटबाँसियों का चित्रण किया है। दहेज की समस्या, धन के चलते पैदा हुए सामाजिक असन्तुलन, अनमेल विवाह और वेश्या-जीवन की विसंगतियों पर प्रकाश डालनेवाले इस उपन्यास को कुछ लोग हिन्दी का पहला आधुनिक उपन्यास भी मानते हैं।
बीसवीं सदी के पूर्वार्द्ध में, वाराणसी की पृष्ठभूमि में एक ब्राह्मण युवती को अनमेल विवाह से निकलकर वेश्या बनते और तदनन्तर एक समाज-सुधारक के रूप में ढलते दिखाना उस समय रचनाकार के लिए बेहद साहसिक काम था जो प्रेमचन्द ने बख़ूबी किया।
















