| Language | Hindi |
|---|---|
| Binding | Paper Back |
| Translator | Not Selected |
| Editor | Not Selected |
| Publication Year | 2026 |
| Edition Year | 2026, Ed. 1st |
| Pages | 328p |
| Publisher | Lokbharti Prakashan |
| Dimensions | 21.5 X 14 X 2 |
Cinema Ke Mudde : Muddon Ka Cinema Author: Shivani Rakesh
सिनेमा विधा की जानकारी मुझे बहुत कम है लेकिन केवल इस किताब को पढ़ने से मैं कह सकता हूँ कि मैंने न केवल भारतीय सिनेमा, बल्कि प्रकारान्तर से विश्व सिनेमा की भी अत्यन्त मूल्यवान जानकारी हासिल कर ली। <br><br>
इस किताब को विषयवार भी वर्गीकृत किया गया है और कालक्रमवार भी। मेरा अनुमान है कि प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से हज़ार फ़िल्मों का उल्लेख या सन्दर्भ तो मिल ही जाता है जिनमें हिन्दी सिनेमा किस प्रकार क्रमश: आमजन के मुद्दों से भटककर अभिजन वर्ग का हित करने का साधन बन गया, किस प्रकार जातिवाद को पोषित करने और उच्च जाति का गौरवगान करने का माध्यम बन गया, इसे सोदाहरण और विस्तार से बताया गया है। इसके साथ ही किताब में किसानों के, मजदूरों के, वेश्याओं के, दृष्टिबाधितों के, खिलाड़ियों के, डाकुओं, पत्रकारों और भूमाफ़िया के मुद्दों को विषय बनाकर बनाई गई फ़िल्मों का भी विशद विश्लेषण किया गया है। इस पुस्तक के लिए सामग्री का चयन करने और उसको संयोजित करने में जो अथक परिश्रम किया गया है वह अत्यन्त प्रशंसनीय है। हिन्दी में सिनेमा पर इतनी समृद्ध किताब मैंने दूसरी नहीं पढ़ी। इसकी भाषा इतनी सरल और सुगम है कि सामान्य पाठक और सिनेमा के शोधार्थियों—दोनों के लिए यह अत्यन्त उपयोगी है।
—शिवमूर्ति

















