| More Information | |
| Language | Hindi |
|---|---|
| Binding | Hard Back |
| Editor | Not Selected |
| Publication Year | 2026 |
| Edition Year | 2026, Ed. 1st |
| Pages | 464p |
| Publisher | Rajkamal Prakashan |
| Dimensions | 22 X 14.5 X 2.5 |
Mughal Saltanat Ki Arthvyavastha C. 1595 : A Statistical Study
मुग़ल सल्तनत की अर्थव्यवस्था’ इतिहास की एक बेहद चर्चित और प्रशंसित कृति है। यह पुस्तक वर्ष 1595 के आसपास के मुग़ल भारत की अर्थव्यवस्था का सांख्यिकीय विश्लेषण करती है।
मुगल साम्राज्य के महान आधिकारिक ग्रन्थ ‘आइन-ए-अकबरी’ की प्रारंभिक पांडुलिपियों में मौजूद समृद्ध सांख्यिकीय सामग्री का विश्लेषण करते हुए, यह पुस्तक तत्कालीन आर्थिक स्थितियों पर व्यापक प्रकाश डालती है, साथ ही इस विषय में प्रचलित विचारों-धारणाओं को चुनौती भी देती है और उनमें संशोधन भी करती है।
प्रसिद्ध इतिहासकार शीरीं मूसवी की यह मौलिक पुस्तक मुग़ल सल्तनत की अर्थव्यवस्था के मात्रात्मक विश्लेषण द्वारा उसी तरह एक नया आयाम स्थापित करती है जैसा कि समकालीन अर्थशास्त्र में किया जाता है। इस पुस्तक का पहला संस्करण 1987 में प्रकाशित हुआ था, उसके बाद इसका जो दूसरा संस्करण प्रकाशित हुआ उसमें न सिर्फ़ सकल घरेलू उत्पाद पर एक नया अध्याय इसमें जोड़ा गया बल्कि अन्य अध्यायों को भी अद्यतन किया गया, यह उसी संस्करण का अनुवाद है।
मुगल साम्राज्य की अर्थव्यवस्था के कामकाज और उसकी सम्भावित विकास क्षमताओं में रुचि रखने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए यह पुस्तक अपरिहार्य है। उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्ध में भारत की औपनिवेशिक अर्थव्यवस्था की संरचना के साथ मध्यकालीन अर्थव्यवस्था की तुलना के लिए भी यह एक ठोस आधार प्रदान करती है।

















