Author ; Faiz Ahmad 'Faiz'
Editor ; Muhammad Hasan
Format ; Hardcover
ISBN-13 ; 9788126720408
Publication ; Rajkamal Prakashan
Publisher ; Rajkamal Prakashan
Edition ; 6th
Pages ; 123
Language ; Hindi
Category ; Non-Fiction
Publication Year ; 1982
Reprint Year ; 2024
Weight ; 476 g
Dimensions ; 22 × 14 × 2 cm
SKU ; 9788126720408
Mere Dil Mere Musafir by Faiz Ahmad 'Faiz'
फ़ैज़ को ज़िन्दगी और सुन्दरता से प्यार है—भरपूर प्यार, और इसीलिए जब उन्हें मानवता पर मौत और बदसूरती की छाया मँडराती दिखाई देती है, वह उसको दूर करने के लिए बड़ी-से-बड़ी आहुति देने से भी नहीं चूकते। उनका जीवन इसी पवित्र संघर्ष का प्रतीक है और उनकी शाइरी इसी का संगीत।
‘मेरे दिल मेरे मुसाफ़िर’ फ़ैज़ अहमद ‘फ़ैज़’ की नज़्मों और ग़ज़लों का संग्रह है। इस संग्रह की ख़ासियत यह है कि रचनाओं को उर्दू और नागरी दोनों लिपियों में रखा गया है। अपनी रचनात्मक भावभूमि पर इस संग्रह की कविताएँ फ़ैज़ के ‘जीवन-काल के विभिन्न चरणों की प्रतीक हैं और यह चरण उनके पूरे जीवन और पूरी कविता के चरित्र का ही स्वाभाविक अंग है।’ इंसान और इंसानियत के हक़ में उन्होंने एक मुसलसल लड़ाई लड़ी है और अवाम के दु:ख-दर्द और उसके ग़ुस्से को दिल की गहराइयों में डूबकर क़लमबन्द किया है। इसके लिए हुक्मरानों का हरेक कोप और हर सज़ा क़बूल करते हुए आजीवन क़ुर्बानियाँ दीं।
ज़ाहिरा तौर पर उनकी शायरी सच्चे इंसानों की हिम्मत, इंसानियत से उनके प्यार और एक ख़ूबसूरत भविष्य के लिए जीत के विश्वास से पैदा हुई है; और इसीलिए उनकी आवाज़ दुनिया के हर संघर्षशील आदमी की ऐसी आवाज़ है ‘जो क़ैदख़ानों की सलाख़ों से भी छन जाती है और फाँसी के फन्दों से भी गूँज उठती है।’

















