| More Information | |
| Language | Hindi |
|---|---|
| Binding | Paper Back |
| Translator | Pranav Priyadarshi |
| Editor | Not Selected |
| Publication Year | 2026 |
| Edition Year | 2026, Ed. 1st |
| Pages | 312p |
| Publisher | Rajkamal Prakashan |
| Dimensions | 21.5 X 14 X 2 |
Main Ladi Aur Udi Author: Ruchira Gupta
बिहार में रेड-लाइट एरिया के बाहरी इलाक़े में, हीरा एक उधार की ज़िन्दगी जी रही है, तभी तक जब तक कि उसके पिता अपना कर्ज़ चुकाने के लिए उसे सेक्स ट्रेड में बेचने का फ़ैसला नहीं कर लेते। जैसा कि उसे बताया गया है, उस बाज़ार की सभी लड़कियों का यही हश्र होता है। लेकिन क्या हो अगर वह "क़िस्मत" के ख़िलाफ़ लड़ना सीख ले? एक लोकल हॉस्टल मालिक उसे कुंग फू सीखने का मौक़ा देता है, तो हीरा यह जानना शुरू करती है कि उसका शरीर कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिस पर कोई भी हमला करे, बल्कि यह एक ऐसा ज़रिया है जिससे वह खुद की रक्षा कर सकती है। उसे अकल्पनीय मुश्किलों का सामना करना पड़ता है—स्कूल से निकाली जाती है, प्रकृति की बेरहम ताक़तों, और एक लोकल तस्कर से निबटना पड़ता है जो उस पर से अपनी नज़र नहीं हटाता। लेकिन किस्मत बदल भी सकती है, बहादुरी संक्रामक होती है, एक से दूसरे तक जाने वाली। जैसे ही हीरा यूनाइटेड स्टेट्स में एक पेन पाल के ज़रिए अपनी लापता दोस्त का पता लगाने की कोशिश करती है, और एक प्रतियोगिता उसे न्यूयॉर्क ले जाती है, अपनी दोस्त की जान बचाने की चाहत उसे सबसे बड़ा जोखिम उठाने पर मजबूर कर देती है। ‘मैं लड़ी और उड़ी’ में एक्टिविस्ट और एमी अवॉर्ड विजेता डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर रुचिरा गुप्ता साहस, आज़ादी और बदलाव लाने की हमारी क्षमता की एक एक्शन-पैक, चौंकाने वाली और विजयी कहानी बुनाती हैं जो महाद्वीपों को पार कर जाती है।

















