गीत निर्झरी (सुमति मुटाटकर द्वारा रचित बंदिशों का संग्रह)
by Sumati Mutatkar (सुमति मुटाटकर)
| Publisher: KANISHKA PUBLISHERS | |
| Author: सुमति मुटाटकर (Sumit Mutatkar) | |
| Language: Hindi | |
| Pages: 152 | |
| Cover: Hardcover | |
| 24 cm x 16.5 cm (9.5 inch x 6.5 inch) | |
| Weight 390 gm | |
| Edition: 2012 | |
| ISBN: 9788173914850 |
Geet Nijhari : Sumit Mutatkar Rachit Bandisho Ka Sangrah
संगीत-विदुषी सुमति मुटाटकर की रचनाओं का संग्रह| प्रचलित व विशेष रूप से अल्प-धमार, ख़याल-तराना-चतरंग, इन हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की प्रमुख विधाओं में ये रचनाएँ हैं |
यमन, श्यामकल्याण, देस, पूरिया-धनाश्री, चंद्रकौंस जैसे सर्वविदित रागों के साथ-साथ पटमंजरी, पटबिहाग, दीपक, लक्ष्मी तोड़ी, हेमनाट जैसे अछोप राग एवं वसंतमुखारी, चारुकेशी जैसे नवागत रागों का भी समावेश इस संग्रह मे हैं|
नवरचना की प्रेरणा लेखिका को गुरुवर आचार्य श्रीकृष्ण नारायण रातंजनकर से मिलती रही| आचार्य स्वयं आज के युग के सर्वश्रेष्ठ, सर्जनशील वाग्गेयकार थे| अपने शिष्यों को नवनिर्मिति के लिए प्रेरित करते थे| उनका कहना था की रागरूप का स्पष्ट अंकन हो और किसी की कार्बन कॉपी न हो, इस दिशा में प्रयास करना चाहिए| परम्परा के निर्वाह में आस्था के साथ-साथ सुमति मुटाटकर नविन आयामों का भी अहसास रखती हैं|
इस संग्रह में लगभग सतर बंदिशों के अतिरिक्त एक छोटा- सा खंड सरल सुबोध संस्कृत भाषा में स्वनिर्मित कविता व मुक्तकों का हैं| भरत की नाट्य व संगीत की समृद्ध परम्परा से कुछ बिन्दु इसमें समाविष्ट हैं|

















